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कहानी की मांग हो तो अंग प्रदर्शन करने से मुझे कोई परहेज नहीं: सौंदर्या शर्मा

रांची डायरी’, रक्तांचल’ व एलबम गर्मी में चिल से दर्शकों की पसंद बन चुकीं सौंदर्या शर्मा (Soundarya Sharma) अपने अपकमिंग एलबम को लेकर बहुत एक्साइटेड हैं। ‘नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा’ से निकलकर बड़े पर्दे पर छाने वाली सौंदर्या का नया एलबम ‘मस्त बरसात’ (Mast Barsaat) इसी महीने रिलीज हुई है। एलबम में सौंदर्या की खूबसूरती के साथ-साथ उनकी हाॅटनेस पर भी खूब चर्चा हो रही है। उनके फैंस का मानना है कि बाॅलीवुड को एक और सनी लियोनी मिल गई है।

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वीडियो एलबम ‘मस्त बरसात’ (Mast Barsaat) को मिल रही सफलता से डाॅ सौंदर्या शर्मा (Soundarya Sharma) बहुत खुश हैं। उन्होंने कहा कि लोग तो इसकी तारीफ कर ही रहे हैं, सुपरस्टार सलमान खान ने भी मेरे इस एलबम को सराहा है, ये मेरे जैसी न्यूकमर के लिए गौरव की बात है। उन्होंने कहा कि मैं अपने काम पर फोकस रखती हूं औरों की भांति किसी की गर्लप्रहृेंड बनकर सुर्खियां बटोरना मेरी फितरत में नहीं। मैं जानती हूं अभी मुझे बहुत कुछ करना है, फिर भी इस बात की बहुत खुशी है कि अब तक जो भी काम किया है, लोगों ने बहुत पसंद किया है।

सौंदर्या शर्मा (Dr Soundarya Sharma) कहती हैं कि मेरी वर्षों की मेहनत अब जाकर रंग ला रही है। मेडिकल में डॉक्टर की उपाधि लेने के बाद अचानक मेरा मन सिनेमा की ओर मुड़ गया और मैं मुंबई आ गई। दर्शकों ने मेरे काम को सराहा। मैं अपनी अभिनय क्षमता को प्रूफ करने के लिए आगे भी मेहनत करती रहूंगी। फिल्मों में अंग-प्रदर्शन आदि जैसे सीन को लेकर सौंदर्या कहती हैं कि मैं इसके खिलाफ हूं। पहले इसे फिल्मों में जबरन ठूंसा जाता था, लेकिन अब दौर बदल गया है। अगर कहानी की मांग है, तो कोई फर्क नहीं पड़ता। अगर कहानी की मांग हो तो ऐसा करने में कोई बुराई नहीं।

सौंदर्या की तुलना अक्सर अमेरिकन टीवी पर्सनैलिटी काइली जेनर से उनकी सेक्सी और बोल्ड तस्वीरों के लिए की जाती है। सौंदर्या पिछले दिनों अपने बाथटब फोटोशूट को लेकर सुर्खियों में रही थीं, क्योंकि कैप्शन में उन्होंने कुछ ऐसा लिख दिया जिसे पढ़कर लोग हैरान हैं। इन तस्वीर में सौंदर्या शर्मा ब्लैक स्ट्रेपलेस बिकिनी में अपने सेक्सी कर्व्स को फ्लॉन्ट करती दिख रही हैं।

बाॅलीवुड या टीवी में नेपोटिज्म के सवाल पर सौंदर्या शर्मा (Soundarya Sharma) कहती हैं कि अब ऐसा बिल्कुल नहीं है। पहले ये ज्यादा था लेकिन जबसे ओटीटी प्लेटफॉर्म आए हैं, तबसे नए कलाकारों को बिना गॉडफादर उनकी काबिलियत पर काम मिलना शुरू हो चुका है। उन्होंने कहा कि पहले लड़कियों को फिल्मों में काम पाने की खातिर किसी की गर्लप्रहृेंड बनना जरूरी होता था और टैलेंट को दरकिनार कर दिया जाता था लेकिन अब इसके उलट है। न्यू कमर्स के लिए उनका साफ साफ कहना है कि सबसे बड़ी चुनौती ये है कि आपको स्वयं अपने अंदर टैलेंट की रियल्टी चेक करना चाहिए कि आप सच में उस काबिल हैं भी और अगर हां तो फिर पेसेंस रखना जरूरी है। कभी भी काम की तलाश में डी-मोटिवेट मत होइए। अगर आप ठान चुकी हैं कि आपको स्टार ही बनना है तभी आप आगे बढ़ सकती हैं, अन्यथा कब भीड़ में गुम हो जाएंगी।

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