Television

Gajendra Chauhan-Filmynism

‘महाभारत’ के ‘इंद्रदेव’ के निधन पर ‘युधिष्ठिर’ गजेंद्र चौहान ने कहा-पैसा बुरे वक्त के लिए बचाए रखें

कोरोना महामारी (Corona Pandemic) ने लाखों जिंदगियां तो छीनी ही है, कई सबक भी दे गया। एक बार फिर कोरोना वायरस का कहर बरपने लगा है। इसी कहर की भेंट चढ गए ‘महाभारत’ में ‘इंद्रदेव’ का किरदार निभाने वाले दिग्गज कलाकार सतीश कौल (Satish Kaul)। महाभारत (Mahabharat) में सतीश कौल के साथ काम कर चुके गजेंद्र चौहान (Ghajendra Chauhan) ने उनके निधन पर शोक जताया है। महाभारत के युधिष्ठिर ने कहा कि हर किसी को अपने बुरे वक्त के लिए पैसा बचाकर रखना चाहिए, क्योंकि आपके बुरे वक्त में कोई काम नहीं आता है।

Advertisement

बता दें कि बीआर चोपड़ा (BR Chopra) की महाभारत (Mahabharat) में ‘इंद्रदेव’ (Indradev) का किरदार निभाने वाले दिग्गज कलाकार सतीश कौल का निधन (Satish Kaul Death) हो गया। खबर है कि 73 वर्षीय सतीश कौल आर्थिक तंगी का सामना कर रहे थे और उनकी मौत कोरोना के कारण हुई है। महाभारत में ही सतीश कौल के साथ काम कर चुके अभिनेता गजेंद्र चौहान (Gajendra Chauhan) ने उनके निधन पर शोक जताते हुए कहा कि उनसे हम सभी को सबक लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि आपके अच्छे वक्त में हर कोई आपका साथ देता है, पर बुरे वक्त में सिर्फ और सिर्फ आपकी जिंदगी भर की कमाई ही काम आती है।

गजेंद्र चौहान (Gajendra Chauhan) ने बताया कि सतीश (Satish Kaul) इतने बड़े स्टार रह चुके हैं, वो पंजाबी सिनेमा के तो सुपरस्टार थे और लगभग 300 फिल्मों में काम कर चुके थे लेकिन फिर भी पिछले कई सालों से गुमनामी की जिंदगी जीने को मजबूर थे। शिर्डी स्थित साईं मंदिर या पटियाला के किसी अस्पताल से जब-कब सामने आईं तस्वीरों से उनके बारे में पता चलता रहता था। उन्होंने कहा कि आर्थिक और पारिवारिक अभाव इंसान को खोखला कर देता है। इसलिए हर किसी को चाहिए अपनी बाकी की जिंदगी को सही सलामत रखने के लिए खुद की कमाई का कुछ हिस्सा बचाकर रखें।

गजेंद्र चौहान ने कहा कि सतीश कौल ने अपनी जिंदगी में जबरदस्त पैसा और ग्लैमर देखा, लेकिन उम्र के दूसरे पड़ाव और अंतिम समय में उनका किसी ने साथ नहीं दिया, वो बेहद स्वाभिमानी थे इसीलिए उन्होंने किसी से मदद नहीं मांगी। गजेंद्र ने कहा सतीश जी का निधन हम सब के लिए एक सबक है कि हर व्यवसाय से जुड़े लोगों को अपना अच्छा समय भविष्य के लिए बचा कर रखना चाहिए। उनका कहना है कि बुरे वक्त के लिए पैसों की बचत जरूर करनी चाहिए, क्योंकि आर्थिक और पारिवारिक अभाव इंसान को खोखला कर देता है।

Have your say